पाकुड़ जिला के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के अम्बाडीहा गांव में दो मासूम भाई-बहन की निर्मम हत्या के बाद उनके एक-एक आंख निकाल लिए जाने कांड के मुख्य आरोपी नेहरू मरांडी उर्फ टुर्का का शव संदिग्ध अवस्था में मिला है. पुलिस ने थाना क्षेत्र के अम्बाडीहा व चिल्गोजोरी गांव के बीच स्थित घने जंगल से एक आम के पेड़ पर टुर्का का शव गमछे से लटकता हुआ पाया है। घटना की सूचना ग्राम प्रधान लिखन किस्कू ने पुलिस को सोमवार की शाम को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार, सअनि संतोष कुमार, विनय सिंह सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंच कर शव को ग्रामीणों की मदद से पेड़ से उतारा। शव को देख कर प्रतीत होता है कि नेहरू की मौत एक दिन पूर्व ही हुई है। पुलिस अभी इसे आत्महत्या मान कर आगे की कार्रवाई में जुट गयी है।
इस मामले में मृतक बच्चों के पिता प्रेम मरांडी के लिखित बयान पर नेहरू मरांडी के अलावे गुमस्ता मरांडी, पूरती हांसदा व प्रधान मरांडी के विरूद्ध थाना में मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नेहरू मरांडी को छोड़ बाकी कांड के सभी नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। घटना के बाद से नेहरू मरांडी फरार चल रहा था। नेहरू की गिरफ्तारी को लेकर एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ महेशपुर नवनीत ए. हेम्ब्रम के नेतृत्व में गठित एसआईटी की टीम लगातार इनके रिश्तेदार सहित पश्चिम बंगाल व संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी।
गौरतलब हो कि विगत 27 जनवरी की रात थाना क्षेत्र के अम्बाडीहा मांझी टोला निवासी नेहरू मरांडी उर्फ टुर्का पर गोतिया के भाई प्रेम मरांडी के 10 वर्षीय बेटी व आठ वर्षीय बेटे को घर से बुला कर ले जाने व उसकी निर्मम हत्या कर दोनों के एक-एक आंख निकाल लिए जाने का आरोप था। पुलिस को दोनों नाबालिग का शव 28 जनवरी की सुबह गांव के समीप स्थित खलिहान से बरामद हुआ था।

