राँची : पिछड़े वर्ग के आरक्षण का मुद्दा अब जोर पकड़ने लगा है. भाजपा इस मुद्दे को अवसर के रूप में ले रही है. राजनैतिक पार्टी के साथ सामाजिक संगठन भी प्रदर्शन करने लगे है. आजसू से गोमिया विधायक लंबोदर महतो के मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान राज्य के पिछड़े वर्गों का आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 36 से 50 प्रतिशत तक करने का सवाल सदन में उठाया. इस पर मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था बनी तो एसटी, एससी को यूक्रेन भेजना पड़ेगा. तमिलनाडु और महाराष्ट्र के साथ ही अन्य राज्यों का अध्ययन कर राज्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में विधिसम्मत निर्णय लेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है की सबको सामान अधिकार मिले. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सुझाव और विभिन्न राज्यों की सरकारों ने आरक्षण पर क्या नियम और प्रावधान पर विश्लेष्ण करेंगे. विपक्षी दलों ने पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर राजनीति करने की पूरी भूमिका तैयार कर ली है.पिछली सरकार ने पिछड़ा वर्ग को आरक्षण नहीं देने की बात कही थी, लेकिन हमारी सरकार इतनी क्रूर नहीं है.

