भाजपा विधायकों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में बजट सत्र के उद्घाटन सत्र में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. निकाय चुनावों के दौरान हिंसा और धांधली के आरोप लगाते हुए सदन के वेल में आ गये. जिसके कारण राज्यपाल जगदीप धनखड़ करीब एक घंटे बजट सत्र के लिए उद्घाटन अभिभाषण नहीं दे सके. एक घंटे बाद उन्होंने ममता बनर्जी के अनुरोध पर अपने भाषण की अंतिम लाइन को पढ़ा. मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि राज्यपाल बिना भाषण दिए चले जाते तो संवैधानिक संकट पैदा हो जाता. टीएमसी विधायकों ने उनसे भाषण बीच में नहीं छोड़ने का अनुरोध किया. राज्यपाल ने मुझे बलाया. मैंने विधायकों से अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा. इसके बाद उन्होंने भाषण पढ़ा. उनका धन्यवाद.’
शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर निकाय चुनाव में पुलिस के साथ मिलकर वोटों की धांधली करने का आरोप लगाया. राज्यपाल के भाषण में चुनावी हिंसा पर एक शब्द नहीं था. यह सब मुख्यमंत्री के दिमाग की उपज थी. हमने विरोध दर्ज किया.

