उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले का नंबर वाली अम्बुलेंस का प्रयोग पंजाब के रोपड़ जेल से मोहाली कोर्ट जाने के लिए माफिया मुख्तार अंसारी द्वारा प्रयोग किया जाने वाले केस में पुलिस ने बड़ी कार्यवाई की है. पुलिस ने इस मामले में मुख्तार अंसारी सहित 13 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया है. गैंगस्टर एक्ट लगाने के बाद जमानत पर बाहर चल रहे आरोपियों को बाराबंकी पुलिस ने एक बार फिर जेल भेजा है. वहीं, 13 में से जो दो आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर और वह फरार चल रहे हैं. पुलिस ने उन दोनों आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है.
पुलिस की छानबीन पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे साल 2013 में यह एंबुलेंस बाराबंकी एआरटीओ कार्यालय से पंजीकृत कराई गई थी. इस मामले में मुख्तार अंसारी सहित अब तक 11 लोग जा चुके हैं. इसमें मुख्तार अंसारी लगातार पहले से ही बांदा जेल में बंद था. पुलिस ने मऊ के हॉस्पिटल श्याम संजीवनी की संचालिका डॉ. अलका राय और उनके भाई शेषनाथ राय को भी जेल भेज चुकी है. दो आरोपी बाराबंकी पुलिस की पकड़ से अभी भी बाहर है जिसके बाद पुलिस ने इन दोनों फरार आरोपियों मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद जाफरी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है, जिनकी गिरफ्तारी की कोशिश भी की जा रही है.

