पटना.अब बिहार में भी सोना, निकिल, क्रोमियम, पोटाश और कोयला का खनन शुरू होगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है। बिहार के जमुई में देश का लगभग 44 प्रतिशत सोना मिलने की उम्मीद है। जमुई के सोनो में सोना वहीं औरंगाबाद में निकिल और क्रोमियम, गया में पोटाश जबकि भागलपुर में कोयला का खनन शुरू होगा। इससे लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और सरकार के राजस्व में इजाफा होगा।
बताया जा रहा है कि भागलपुर के पीरपैंती और कहलगांव के आसपास मौजूद कोयले का ग्रेड जी-12 उपलब्ध है. यहां करीब 850 मिलियन टन कोयले के भंडार का अनुमान है.इन खनिज पदार्थों को निकालने के लिए टेंडर किया जायेगा. करीब एक साल पहले निकिल, क्रोमियम और पोटैशियम पाये जाने के लिए विभिन्न स्तर पर सर्वे हुआ था. अब केंद्र सरकार ने इसके खनन की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंप दी है.जमुई जिले के सोनो क्षेत्र में 35.6 टन धातु अयस्क सहित 222. 88 मिलियन टन स्वर्ण धातु से संपन्न भंडार मिलने की संभावना है.गया और औरंगाबाद जिले की सीमा पर मदनपुर प्रखंड के डेंजना और आसपास के इलाकों में करीब आठ वर्ग किमी क्षेत्र में निकिल पाया गया है.रोहतास जिले में करीब 25 वर्ग किमी इलाके में पोटाश पाया गया है. इसमें रोहतास जिले का नावाडीह प्रखंड में 10 वर्ग किमी, टीपा प्रखंड में आठ किमी और शाहपुर प्रखंड में सात किमी का इलाका शामिल है.

