बीरभूम हिंसा में मानवता शर्मसार हुई है. अपराधियों ने निरीह महिला और बच्चे के साथ हद से ज्यादा निर्दयता की थी. इस काण्ड में बर्बरता की हुई थीं सारी हदें पार हुई थी ऐसा मानना है फोरेंसिक विशेषज्ञों का. फोरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट में कहा गया है कि बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में जिंदा जलाए गए तीन महिलाओं और दो बच्चों समेत आठ लोगों को जिन्दा जलाने से पहले सभी को बुरी तरह से पीटा गया था. पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया है. राज्य सरकार ने कथित रूप से लापरवाही बरतने के आरोप में कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई को दी गयी जानकारी के अनुसार फोरेंसिक विशेषज्ञों के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार, पीड़ितों को पहले बुरी तरह पीटा गया और फिर जिंदा जला दिया गया. घटना के संबंध में अब तक कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. रामपुरहाट के बोगतुई गांव में मंगलवार को तड़के करीब एक दर्जन मकानों में कथित तौर पर आग लगा देने से दो बच्चों समेत कुल आठ लोगों की जलकर मौत हो गयी. यह घटना सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पंचायत स्तर के नेता भादू शेख की कथित हत्या के कुछ घंटों के भीतर हुई. ऐसा कहा जा रहा है कि कुछ लोगों ने अपने नेता की हत्या के प्रतिशोध में मकानों में आग लगा दी.
मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन हत्याओं को जघन्य अपराध बताया और कहा कि दोषियों को माफ नहीं किया जाना चाहिए.

