यूपी: बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी पेपर लीक मामले में 32 गिरफ्तार, यूनिवर्सिटी का बाबु निकला मास्टरमाइंड
उत्तर प्रदेश में नटवरलालों की कारस्तानियाँ कम नहीं हो रही है. यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट के अंग्रेजी विषय का पेपर लीक होने के बाद अब झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीएससी का पेपर आउट हो गया है. दो दिन पहले बीएससी द्वितीय वर्ष की फिजिक्स की परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट पहले छात्रों के मोबाइल में सॉल्व कॉपी वायरल हो गया था. जानकारी मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया था. आनन-फानन में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन करने के साथ-साथ मामले की लिखित शिकायत नवाबाद थाने में की थी. शुक्रवार को कार्यवाई करते हुए पुलिस ने विश्वविद्यालय के कर्मचारी समेत 32 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस जांच सामने आया कि पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड विश्वविद्यालय में ही कार्यरत एक बाबू था जिसने अपनी एक रिश्तेदार छात्रा को पर्चा आउट किया था. इसके बाद छात्रा ने पेपर को अपने अन्य दोस्तों के मोबाइल पर भेज दिया. पुलिस ने इस मामले में अब तक कॉलेज प्रबंधक और बाबू समेत कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें चार छात्राएं व 22 छात्र शामिल हैं.
शुक्रवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार बताया कि पेपर लीक मामले में पकड़े गए छात्र अजय भास्कर से पेपर लीक का खुलासा हुआ. पूछताछ अजय द्वारा बताये नाम से आगे की कड़ी मिलती गयी और मामला साफ़ हो गया. अजय भास्कर ने बताया कि पर्चा उसे अजय निरंजन ने भेजा था. अजय को यह प्रति कुमारी आसमा से और आसमा को मुस्कान से मिली थी. मुस्कान ने बताया कि श्रीराम महाविद्यालय बंगरा में बाबू के पद पर कार्यरत उसके रिश्तेदार राजदीप यादव ने यह पेपर भेजा था.
जांच में पुलिस को पता चला कि इस कांड में राजदीप अकेला नहीं बल्कि प्रबंध समिति के आजाद यादव हंसारी, प्रबंधक चंद्रपाल यादव बूढ़ा सीपरी बाजार, अनूप यादव शिक्षक मोंठ, भगवान दास चपरासी बंगरा, केंद्र व्यवस्थापक/प्राचार्य संजीव श्रीवास्तव, अरविंद यादव अध्यक्ष प्रबंध समिति की भी भूमिका रही.

