भारत ने ओडिशा के बालासोर में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के नए वर्ज़न का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इस बात की जानकारी गुरुवार को रक्षा सूत्रों ने दी है। न्यूज एजेंसी के अनुसार ‘आज भारत ने ओडिशा के बालासोर में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एक नए संस्करण का सफल परीक्षण किया। मिसाइल नए तकनीकी विकास से लैस थी जो सफलतापूर्वक सिद्ध हो गई थी’.
इसके पीछे का कारण
बता दें कि ब्रह्मोस मिसाइल रूस और भारत का संयुक्त प्रोजेक्ट है। ब्रह्मोस में Brah का मतलब है ‘ब्रह्मपुत्र’ और Mos का मतलब ‘मोस्कवा’ है। इस मिसाइल की गिनती 21 वीं सदी के सबसे खतरनाक मिसाइलों में की जाती है।
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने नए वर्ज़न को डीआरडीओ ने विकसित किया है। । इस क्रूज मिसाइल की रेंज हाल ही में 298 किमी से बढ़ाकर 450 किमी की गई थी। इसकी खास बात ये है कि इसे पनडुब्बी, पानी के जहाज, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल मैक तो 4,300 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम रफ्तार से उड़ सकती है।
भारत की ब्रह्मोस मिसाइल ने बढ़ाई चीन की चिंता. फिलीपींस का दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ विवाद है। ऐसे में फिलीपींस को इस क्षेत्र के लिए एक खतरनाक हथियार मिल गया है। भारत और फिलीपींस के बीच भी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल को लेकर सौदा तय हुआ है। फिलीपींस ने करीब 37.49 करोड़ डॉलर (27.89 अरब रुपये) के सौदे पर मंज़ूरी दी है। दोनों देशों के बीच समझौते थे चीन की परेशानी बढ़ गई है।

