NewDelhi: हर भाषा वर्ग का सम्मान करना चाहिए, विरोध और अपमान करने की प्रवृत्ति से द्वेष बढ़ता है जो विवाद का कारण है. और बार बार के विवाद से प्रदेश में अशांत हो रहा है. भाईचारा कम हो रही है. उक्त बातें सामाजिक संस्था युवा संगठन झरिया के अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने कही. संस्था ने भोजपुरी और अंगिका भाषा को लेकर प्रदेश में उत्पन्न स्थिति पर चिंता जताई. श्री शर्मा ने कहा कि बाहरी भीतरी विवाद के साथ यह भाषाई विवाद अराजक तत्वों की देन है. अपना उल्लू सीधा करने के लिए माहौल को बिगाड़ रहे है. झारखण्ड पहले बिहार का हिस्सा था. अभी भी एक बड़ा तबका भोजपुरी और अंगिका भाषा से सबंध रखता है. राज्य सरकार ने पूर्व में जारी किये गये आदेश में संसोधन करते हुए इनदोनों भाषओं को भी जोड़ा है. ये भाषा झारखण्ड के कई जिलों में इसका प्रचलन है. इसे स्वीकार करना चाहिए. लगातार विवाद से समाज में जहर घुल रहा है. सामाजिक सौहार्द और भाईचारा के लिए समाज और सरकार को मिलजुल कर प्रयास करना चाहिए.

