धनबाद : धनबाद रेलवे स्टेशन से लगी रेलवे की हिल कॉलोनी में शुक्रवार को लगी भीषण आग शनिवार सुबह 5ः30 बजे जाकर बुझी. साढ़े 13 घंटे तक अग्निशमन विभाग की सात गाड़ियां लगातार आग बुझाने में लगी रहीं. आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गोल्फ ग्राउंड के नजदीक स्थित अग्निशमन विभाग परिसर का डेढ़ लाख लीटर पानी देर रात दो बजे ही खत्म हो गया. इसके बाद अग्निशमन विभाग को पंपू तालाब से सात टैंकर पानी भरकर आग पर काबू करना पड़ा. केबल ड्रम में लगी आग इसलिए भी बढ़ गई, क्योंकि जेसीबी पहुंचने में देरी की वजह से इसे तितर-बितर नहीं किया जा सका. काफी समय बाद जेसीबी मशीन पहुंची, तब जाकर आग बुझाने के काम में तेजी आई और ड्रम हटाकर आग बुझाने का काम किया गया.अग्निशमन विभाग के प्रभारी सुरेंद्र यादव ने बताया कि लगभग एक दशक बाद इस तरह की आग देखने को मिली है. पांच गाड़ियां अग्निशमन विभाग धनबाद में थी और दो गाड़ियां झरिया से मंगाई गई. कुल सात गाड़ियों से शुक्रवार शाम चार बजे से लेकर शनिवार सुबह 5ः30 बजे तक आग बुझाने का काम हुआ. जहां आग लगी थी उसके पास ही रेल एसपी का आवास और अन्य अधिकारियों का आवास था. किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ, सिवाय केबल ड्रम जलने के. ऐसी भीषण आग बहुत दिन बाद दिखी. आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारा कोई भी स्टाफ अभी चलने की हालत में नहीं है. सबकी हालत खराब हो चुकी है. विभाग का पानी खत्म होने के बाद तालाब से पानी लेकर हम लोगों ने आग बुझाई. स्थानीय लोगों ने भी काफी सहयोग किया.हिल कॉलोनी में रेल एसपी के आवास की चाहरदीवारी से सटाकर रखे गए केबल ड्रम के स्टॉक में शुक्रवार को आग लग गई. कुछ ही देर में आग की लपटों ने आसमान छूना शुरू कर दिया. काले धुएं का बवंडर पूरे शहर में छा गया. रेल पुलिस समेत सैंकड़ों लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. बाद में डीआरएम समेत रेलवे के तमाम अधिकारी भी पहुंचे और आग पर काबू पाने की जद्दोजहद शुरू हुई. दोपहर के लगभग 12 बजे आग लगने की घटना के बाद देर रात तक आग बुझाने का काम चलता रहा. इस घटना में रेल एसपी आवास के पीछे रखे गए गए 450 केबल ड्रम में से लगभग 400 जलकर खाक हो गए. लगभग 50 केबल ड्रम को स्थानीय लोग और रेल कर्मचारियों की मदद से बचा लिया गया. इस अग्निकांड में रेलवे को तकरीबन पांच करोड़ की चपत लगी है.

