राष्ट्रगान की पहली दो पंक्ति बैठे बैठे गाई फिर दो पंक्ति खड़े होकर ही गाई और बीच में प्रेस कांफ्रेंस शुरू. राष्ट्रगान पूरा करना भी जरूरी नहीं समझा. ऐसे में रोष तो होगा ही. शिकायत होगी ही. मामला कोर्ट पहुंचा कोर्ट से पेशी का आदेश जारी हो गया. मामला तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़ा है. मुंबई के एक मजिस्ट्रेट की अदालत में बीजेपी नेता ने शिकायत दर्ज करा कर ममता बनर्जी के खिलाफ राष्ट्रगान का कथित रूप से अपमान करने के लिए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी.
मुबई मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके खिलाफ एक शिकायत के संबंध में 2 मार्च को पेश होने का निर्देश दिया है. सीएम ममता बनर्जी ने पिछले साल मुंबई यात्रा के दौरान राष्ट्रगान का कथित रूप से अपमान किया था
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 1 दिसंबर 2021 को ममता बनर्जी अपने तीन दिन के दौरे पर मुंबई गई थीं. मुंबई में एक समारोह में भाग लेने के दौरान ममता बनर्जी ने पहले बैठे-बैठे ही राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया. दो लाइन गाने के बाद वे उठ गईं और दो लाइन और गाईं. इसके बाद उसे अधूरा छोड़कर प्रेस कांफ्रेंस करने लगी थीं.राष्ट्रगान के पहले दो छंदों को बैठने की स्थिति में गाईं, फिर खड़े होकर दो और छंद गांई और फिर अचानक रुक गईं. कोर्ट द्वारा जारी सम्मन में कहा गया है कि चूंकि ममता बनर्जी अपने ऑफिसियल ड्यूटी पर नहीं थीं. इस कारण वह उनके ऑफिसियल ड्यूटी के तहत नहीं आता है. आरोप था कि उन्होंने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत अपराध किया है. शिकायतकर्ता का आरोप था कि पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई. इस कारण अदालत से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई है.

