बोकारो सदर अस्पताल में बद इन्तजामी और बदहाली चरम पर है. बार बार कि शिकायतों के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा था. ऐसे ही एक शिकायत मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और स्वस्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से बोकारो के एक युवक ने कर दी. जिस के बाद मुख्यमंत्री रेस हो गये. अपने टि्वटर अकाउंट से मुख्यमंत्री ने डीसी को चेतावनी देते हुए कहा है, ‘यह स्थिति बर्दाश्त के बाहर है, अविलंब संज्ञान लेते हुए स्थिति में सुधार करें’। मुख्यमंत्री के इस ट्वीट से झारखंड के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अफजल खान के इस ट्वीट को गंभीरता पूर्वक लिया और बोकारो डीसी को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।सीएम ने कहा है अविलंब सदर अस्पताल स्थिति में गुणवत्तापूर्ण सुधार करें।
बोकारो सदर अस्पताल में मरीजों की स्थिति दुष्कर है. मरीजो को बिस्तर पर बेडशीट नहीं मिलते। डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर नहीं रहते हैं। अस्पताल के अंदर जांच घर में ताला लटका रहता है। इलाज कराने आए मरीजों को बेवजह दौड़ाया जाता है। आरोप लगाया गया है कि कोरोना की तीसरी लहर में सभी सरकारी अस्पतालों को पूरी तरह दुरुस्त रखने के सरकार के आदेश के बावजूद बोकारो सदर अस्पताल की स्थिति बहुत खराब है। खासकर अस्पताल में भर्ती मरीजों को नर्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। गंदगी इतनी है की दुर्गंध से मारे वार्ड में खड़ा होना मुश्किल होता है।


