सरकार को कई उपायुक्तों के संबंध में यह सूचना मिली है कि वह मुख्य सचिव की अनुमति लिये बगैर अवकाश ले लेते हैं या मुख्यालय छोड़ कर अन्य स्थान पर जाने लगे हैं. स्थिति को देखते हुये कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल की ओर से सभी उपायुक्तों इस सम्बन्ध में पत्र भेजा गया है. पत्र के अनुसार झारखंड के सभी उपायुक्तों को अब जिला मुख्यालय छोड़ने के लिये मुख्य सचिव से अनुमति लेनी होगी. यानि बिना मुख्य सचिव की अनुमति के राज्य के उपायुक्त अब मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे. उन्हें मुख्यालय छोड़ने के से पहले लिखित या फोन पर मुख्य सचिव की अनुमति अनिवार्य रूप से लेनी होगी. कार्मिक विभाग की ओर से अवकाश लेने का नियम स्पष्ट किया गया है. यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रमंडलीय आयुक्त आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करेंगे. अवकाश के उपयोग, सरकारी कार्य, बैठक में भाग लेने, प्रशिक्षण में भाग लेने, न्यायालय में शपथ पत्र दायर करने या किसी भी अन्य सरकारी और व्यक्तिगत प्रयोजन के लिए मुख्यालय छोड़ने से पहले मुख्य सचिव का अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य है. कार्मिक सचिव ने इस प्रति राज्यपाल के प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय, सभी विभागीय सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त व मुख्य सचिव कार्यालय को भी दी है.

