कहते है न कि पुलिस से पंगा मतलब खुद से ही दंगा. जी हाँ, मुख़्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. अब्बास ने एक जनसभा में कहा था कि सपा सरकार बनने पर पहले अधिकारियों का ‘हिसाब किताब’ होगा. हिसाब किताब वाले बयान के बाद मउ में अब्बास अंसारी पर आचार संहिता उल्लंघन की धाराओं में केस दर्ज किया गया था. प्रदेश में योगी के सरकार बनने के बाद अब पुलिस ने “हिसाब-किताब” करना शुरू कर दिया है. उसी केस में अब्बास के खिलाफ धारा 186 (सरकारी काम में बाधा डालना) धारा 189 (लोकसेवक को धमकी), धारा 153A (किसी वर्ग विशेष के खिलाफ बयान या अशांति का प्रयास) और धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र) बढ़ा दी गई है. बता दें कि अब्बास मऊ सदर से विधानसभा चुनाव जीते है. पर अब उनकी ने “हिसाब-किताब” करने वाली हसरत अधूरी रह गयी है.
चुनाव के पहले अब्बास ने एक जनसभा के दौरान कहा था ”समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्ययक्ष अखिलेश यादव जी से कहकर आया हूं कि छह महीने तक किसी की ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होगी भइया. जो यहां है, यहीं रहेगा, पहले हिसाब किताब होगा. उसके बाद उनके जाने के सर्टिफिकेट पर मुहर लगाया जाएगा.” अब्बास का वीडियो वायरल होते ही लखनऊ तक खलबली मची थी. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने इसका संज्ञान लिया और अधिकारियों को अब्बास के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था.

