रूस ने युक्रेन पर सैन्य कार्रवाई की शुरु कर दी है. रूस की सैन्य गतिविधि घातक होती जा रही है. खबर है कि यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों में रूस ने कई धमाके किये है. यूक्रेन जहां विश्व के कई देशो से हस्तक्षेप कर सहयोग की मांग कर रहा है वहीं PM मोदी से भी रुसी राष्ट्रपति से बात करने की गुजारिश की है. इधर अमेरिका ने भी रूस को चेताया है.
युक्रेन पर हमले के पिछे रुसी राष्ट्रपति का तर्क है कि वर्षो से पीड़ित युक्रेन के लोगों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है. हमारा लक्ष्य यूक्रेन को नरसंहार से मुक्त करना है. रूस ने देश में युद्ध विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के खिलाफ नागरिकों को चेतावनी दी है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ऑस्ट्रिया, जर्मनी, फ़्रांस और टर्की से बात चीत की है. उन्होंने एक ट्वीट करते हुए कहा है कि हम पुतिन विरोधी गठबंधन बना रहे हैं. रूसी सेना को युक्रेन पर हमला की बात सामने आते ही नाटो ने कहा की जो भी जरूरी होगा हम करेंगे. 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान हाई अलर्ट पर हैं. इसके अलावा 120 जंगी जहाज भी तैनात हैं.
यूक्रेन के शहर ओडेसा में रूसी नौसैनिकों ने ओडेसा के तट पर हमला किया, जिसमें 18 लोगों के मारे जाने की खबर है. रूस की सेना का दावा है कि उसने यूक्रेन के 70 सैन्य ठिकाने तबाह कर दिए हैं. कीव के पास एयरबेस पर कब्जे को लेकर अभी भी लड़ाई जारी है. शुक्रवार सुबह तक रूसी सैनिक यूक्रेन की राजधानी कीव को पूरी तरह घेर लेंगे. कीव तक जरूरी सामान न पहुंचने देने की भी रणनीति चल रही है. उत्तरी कीव में भी रूस की ओर से 30 से ज्यादा हवाई हमले किये गये.
वहीं जवाबी हमले में यूक्रेन गोस्टोमेल में दो हेलीकॉप्टर मार गिराया. यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने दुश्मन देश के 6 एयरक्राफ्ट और 2 हेलीकॉप्टर मार गिराए हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्वीट कर दावा किया है कि रूस उनके चेरनोबिल परमाणु पावर प्लांट पर कब्जे की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा है कि हम रूस को रोकने के लिए जान दे रहे हैं.

