खुद को उत्तर प्रदेश की बेटी बताने वाली प्रियंका गाँधी वाड्रा प्रदेश से बाहर पंजाब जाते ही बाहरी हो जाती है. पंजाब में प्रचार के दौरान कहती है कि पंजाब पंजाबियों का है… यहां कोई नई राजनीति नहीं मिलेगी. ये जो बाहर से आते हैं… उन्हें पंजाबियत सिखाइए. पंजाब मेरी ससुराल है.
इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी माइक लेकर कहते हैं कि “ प्रियंका पंजाबियां दी बहू है. यूपी दे, बिहार दे, दिल्ली दे भइए आके इते राज नई करदे.“ इस पर बगल में खड़ी प्रियंका ताली बजाकर मुस्कुराती हैं और खुद भी नारे लगाने लगती हैं.
वाकया पंजाब के रूपनगर का है, जहाँ 15 फरवरी को प्रियंका गांधी पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ यहां रैली में पहुंची थीं. रैली के बाद वे मंच तक आईं. हाथों में माइक लेकर अपनी बात शुरू की. बोलीं- समझदारी का इस्तेमाल करो. चुनाव का समय है. लंबी-लंबी बातें नहीं कहना चाहती, लेकिन पंजाब के लोगों, बहनों-भाइयों, जो आपके सामने है, उसे ठीक से पहचानो. आपमें बहुत विवेक है. समझदारी है. उस समझदारी का इस्तेमाल करो. पंजाब पंजाबियों का है. पंजाब को पंजाबी चलाएंगे. अपनी सरकार बनाओ. यहां कोई नई राजनीति नहीं मिलेगी. ये बाहर से जो आते हैं. आपके पंजाब में उन्हें सिखाइए पंजाबियत क्या है. बस प्रियंका के इतना बोलते ही चन्नी अपने हाथ में माइक लेते हैं और कहते हैं- यूपी दे, बिहार दे, दिल्ली दे भइए आके इते राज नई कर दे. यूपी के भइयों को पंजाब में फटकने नहीं देना है. चन्नी के इतना कहते ही जो बोले सो निहाल के नारे लगते हैं. प्रियंका हंसती रहती हैं और खुद भी नारे लगाना शुरू कर देती हैं.

