रांची नगर निगम की टीम और अपर बाजार के व्यवसायी मंगलवार को आमने सामने हो गये. नगर निगम की टीम अपर बाज़ार के दुकानों को सील करने पहुंची थी. दूकानदारों ने इसके विरोध में नारेबाजी की. उनका कहना था कि आज़ादी से पहले के बसे बसाए इस बाज़ार को हटाया जा रहा है जो कहीं से जायज नहीं है. झामुमो की नेत्री महुआ माजी दुकानदारो के समर्थन में दिखी. उन्होंने कहा कि मसला काफी पुराना है और पूर्व की सरकार ने अगर ध्यान दिया होता तो यह नौबत नहीं आती. मैं व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के हक के लिए खड़ी रहूंगी. सरकार से भी बात की जाएगी कि वह इसका स्थायी हल निकाले.
नगर निगम की टीम दुकानों को सील करने के लिए सुबह करीब 11 बजे पहुंची थी. इस कार्रवाई से दुकानदार और उनके कर्मचारी काफी नाराज हुए. घंटो निगम और स्थानीय विधायक आदि के खिलाफ नारे लगाये .निगम की ओर से दुकानदारों से अपील की. उनसे कहा कि ये सरकारी कार्य है, अत: इस कार्य सहयोग करें. बावजूद इसके व्यवसायियों का विरोध प्रदर्शन जारी रखा. निगम की इस कार्रवाई के विरोध में सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं और सड़क पर आकर प्रदर्शन किया.
अध्यक्ष दीपक मारू का कहना है कि एक तरफ सरकार नए उद्योगों को शुरू करने की बात करती है, दूसरी तरफ आजादी के पूर्व से बसे-बसाए बाजार पर कार्रवाई करती है. यह ठीक नहीं है. सरकार नीति बनाकर इन भवनों को तोड़ने से बचाना चाहिए. अपर बाजार से 10 हजार घरों का चूल्हा जलता है. इतने बड़े रोजगार के केंद्र को सील करना कहीं से तर्क संगत नहीं है

