लोकसभा में बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान विपक्ष की ओर से सबसे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी बात रखी। उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में भारत की चुनौतियों के बारे में एक-दो बातों का जिक्र नहीं किया गया है। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति का अभिभाषण ब्यूरोक्रेटिक विचारों का जिक्र था। इसमें सच्चाई का काफी अभाव था। अभिभाषण में कामों की लंबी सूची तो थी, लेकिन इसमें यह नहीं बताया गया कि आज भारत बंट चुका है। आज एक नहीं दो भारत हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में दो हिंदुस्तान बसते हैं- एक अमीरों का हिंदुस्तान और एक गरीबों का हिंदुस्तान। अब इन दोनों हिंदुस्तानों में खाई बढ़ती जा रही है। रोजगार ढूंढने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार में रेलवे की नौकरी के लिए युवाओं ने क्या किया। उसके बारे में जिक्र नहीं हुआ। भारत के युवाओं के पास रोजगार नहीं है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में बेरोजगारी का जिक्र नहीं है। सब जगह युवा सिर्फ एक ही चीज मांग रहा है- रोजगार। यह आपकी सरकार नहीं दे पा रही है।
उन्होंने कहा कि आप बात करते हो रोजगार देने की लेकिन पिछले साल तीन करोड़ युवा रोजगार खो चुके हैं। पचास साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी आज हिंदुस्तान में है। आपने मेक इन इंडिया की बात की, मगर जो रोजगार युवाओं को मिलना चाहिए, वो उन्हें नहीं मिला और ऊपर से बेरोजगारी पैदा हुई है। आप ने अपने भाषण में रोजगार को लेकर कुछ नहीं कहा।

