पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह राहुल गांधी के चीन-पाक वाले बयान पर आलोचना की. स्पष्ट शब्दों में कहा कि 1960 के दशक से चीन और पाकिस्तान घनिष्ठ सहयोगी रहे हैं. इसकी शुरुआत उनके परदादा के समय में हुई थी, जो कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ में ले गए थे. लेकिन अब हम अलग-थलग नहीं हैं. हमारे पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध हैं. हमारी विदेश नीति भी अब विफल नहीं है. हमारे पास एक ऐसा विदेश मंत्री है, जिसने अपना पूरा समय विदेश नीति से जुड़े मुद्दों को निपटाने में बिताया है.
बता दे कि बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण पाकिस्तान और चीन एकजुट हो गए हैं. उन्होंने कहा कि हम जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं वह कम नहीं है. यह भारत के लिए एक गंभीर खतरा है. आपने हमें कहां पहुंचा दिया है. उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान पहले से ज्यादा करीब आ गए हैं.
राहुल गांधी के बयान पर पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने से बहुत पहले ही भारत और चीन करीब आने लगे थे. यह सब 1962 के युद्ध के बाद हुआ. इसके बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को मजबूत करने का अवसर देखा. सब जानते हैं कि चीन और पाकिस्तान ने परमाणु क्षेत्र में एक दूसरे का अवैध रूप से सहयोग किया है.
राहुल गांधी द्वारा दिए बयान पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि मैं निश्चित रूप से इन टिप्पणियों का समर्थन नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान और चीन का मुद्दा है और इसे उन दोनों देशों पर ही छोड़ देना चाहिए.

