झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में आने वाले मरीजों को लिफ्ट की सुविधा नहीं मिलेगी. चाहे वह गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो या प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला हो, उन्हें रैंप के जरिए ही वार्ड तक ले जाया जाएगा. यह फरमान रिम्स के उपाधीक्षक ने जारी किया है. यही नहीं मरीजों का खाना ले जाने के लिए भी लिफ्ट पर पाबंदी लगा दी गई है. अब खाना भी रैंप से ही ट्रॉली को धकेल कर ले जाना होगा. इस फरमान से मरीज के परिजनों की परेशानियाँ बढ़ गयी है. बता दें कि मरीजों का खाना रिम्स के सबसे नीचले तल्ले में बनता है. जिसके बाद खाना अंडर ग्राउंड से चौथे तल्ले तक ले जाना पड़ता है. इसमें काफी परेशानी होती है और समय भी अधिक लगता है. इसके अलावा पुराने भवन से ही सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक व आंकोलॉजी और ट्रॉमा सेंटर भी इंटरलिंक है. उन भवनों में भी रैंप से खाने की ट्रॉली को धकेल के ले जाने में भी अधिक समय लगेगा.
उपाधीक्षक ने मौखिक रूप से सभी ट्रॉली मैनों को यह निर्देश दिया है.
रिम्स के उपाधीक्षक डॉ शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि पुराने भवन में अक्सर लिफ्ट खराब रहती है और रैंप का इस्तेमाल नहीं होता इसलिए यह निर्देश दिया गया है. सामान्य मरीजों को रैंप से और गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर लिफ्ट से ले जाया जा सकता है.

