चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी रिम्स प्रबन्धन द्वारा चतुर्थवर्ग के पदों पर नियुक्ति नहीं किए जाने के मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने सोमवार को फैसला सुरक्षित रखा.
राजन कुमार सिंह और अन्य की ओर से याचिका दायर की गयी थी कि वर्ष 2019 में चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया की गई. सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका चयन भी हो गया है, लेकिन रिम्स प्रबंधन की ओर से उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा रहा है. इस पर अदालत ने रिम्स से नियुक्ति नहीं करने का कारण पूछा. रिम्स के अधिवक्ता डॉ एके सिंह ने अदालत को बताया कि चयन समिति ने इनकी नियुक्ति में गंभीर अनियमितता बरती है. इसमें समिति न तो आरक्षण का पालन किया है और न ही प्रमाण पत्रों की सही तरीके से जांच की है. इसकी जानकारी मिलने पर रिम्स प्रबंधन ने नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराई. जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया.

