बरही के दुल्मुहा गांव में सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन के दिन पिटाई के बाद रुपेश पाण्डेय की मौत से सूबे का माहौल गरम है. परिजनों भी बेहाल है. परिजनों के आंसू थम नही रहे. स्व रुपेश की माँ उर्मिला देवी ने तो अन्न जल त्याग दिया है. दस दिनों से अन्न का एक दाना नही लिया है. एक ही रट लगा रखी है, मेरा बेटा जैसा था उसी हाल में लाकर दो. उसके हत्यारे को गिरफ्तार करो. रुपेश पांडे की मां की तबीयत बिगड़ती जा रही है. बीते दिनों भी उर्मिला देवी की तबीयत खराब की खबर मिलने के बाद अनुमंडलीय अस्पताल के डीएस खुद रुपेश पांडे के घर पहुंच कर रुपेश की मां को स्लाइन लगाया और परिवार के सदस्यों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि अगर स्वास्थ्य संबंधित किसी भी तरह की परेशानी हो तो बेझिझक उनसे संपर्क करें. अब एक बार फिर बुधवार को रूपेश के दशकर्म के दिन उसकी मां की तबीयत बिगड़ गयी है.
आज रूपेश पांडे का दशकर्म भी है यानी रूपेश पांडे के मौत के दस दिन बीत चुके हैं किंतु अब तक पुलिस यह पता नही कर सकी की कि आखिर रूपेश पांडेय के साथ मारपीट के पीछे की मुख्य वजह क्या थी? घटना के बाद से ही परिजन इस पूरे मामले को मॉब लिंचिंग बता रहे हैं. हालांकि इस बारे में हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे का कहना है कि अब तक की जांच के दौरान इस पूरी घटना में मॉब लिंचिंग की पुष्टि नहीं हुई है.

