कीव: यूक्रेन के चेर्नोबिल न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रूस ने कब्ज़ा कर लिया है. रूस की सेनाओं ने यूक्रेन की राजधानी कीव को घेरने के लिए बेलारूस बॉर्डर की तरफ से अटैक किया. उसी दौरान रास्ते में पड़ने वाले चेर्नोबिल शहर और न्यूक्लियर पावर प्लांट भी है जिसे कब्जे में ले लिया गया है. तब से यह शहर और प्लांट रूसी सेनाओं के अधिकार में है. ऐसे में रेडिएशन को कंट्रोल करने के लिए भी रूस को जिम्मेदार बताया जा रहा है. युक्रेन ने दावा किया है कि रूसी कब्जे के बाद चेर्नोबिल न्यूक्लियर पावर प्लांट में रेडिएशन का लेवल 100 गुणा तक ज्यादा बढ़ गया है. जिससे यूक्रेन, बेलारूस, रूस, पोलैंड समेत आसपास के देशों की आबादी को बड़ा खतरा पैदा हो गया है. यूक्रेन की न्यूक्लियर एनर्जी रेग्युलेटरी एजेंसी ने दावा किया कि चेर्नोबिल न्यूक्लियर पावर प्लांट में रेडिएशन का सामान्य लेवल 3,150 होता है. लेकिन रूस की सेना के कब्जे के बाद इस प्लांट में रेडिएशन का लेवल बढ़कर 92,700 हो गया है. एजेंसी ने कहा कि रेडिएशन का बढ़ता लेवल यूक्रेन समेत आसपास के पड़ोसी देशों की आबादी के लिए भी बड़ा खतरा है और इसका जिम्मेदार केवल रूस है.
बताते चलें कि यूक्रेन के प्रिपयेत शहर में चेर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट है. इस शहर को सोवियत संघ के दौर में 1970 में बसाया गया था. चेर्नोबिल प्लांट राजधानी कीव से 108 किलोमीटर दूर उत्तर में हैं. जबकि बेलारूस की सीमा से इसकी दूरी महज 20 किलोमीटर है.1986 में इस प्लांट के चौथे रिएक्टर में विस्फोट से न्यूक्लियर प्लांट पूरी तरह तबाह हो गया था. माना जाता है कि सीधे या अप्रत्यक्ष तौर पर 90 हजार से ज्यादा लोगों की इस घटना में मौत हो गई थी.

