यूक्रेन के अलगाववादी नेताओं की मांग पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस समर्थित अलगाववादी क्षेत्र डोनेत्स्क और लुहांस्क की स्वतंत्रता को मान्यता दे दी है।अलगाववादी नेताओं ने रुसी राष्ट्रपति से अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने और उनके खिलाफ जारी यूक्रेनी सेना के हमलों से उनकी रक्षा करने के लिए सैन्य सहायता की मांग की थी. अलगाववादी क्षेत्र डोनेत्स्क और लुहांस्क की स्वतंत्रता को मान्यता देने के इस फैसले से यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की आशंका बढ़ गई है.
बता दें कि रूस ने रविवार को यूक्रेन की उत्तरी सीमाओं के पास सैन्य अभ्यास बढ़ा दिया था। उसने यूक्रेन की उत्तरी सीमा से लगे बेलारूस में करीब 30,000 सैनिकों की तैनाती की है। साथ ही यूक्रेन की सीमाओं पर 1,50,000 सैनिकों, युद्धक विमानों और अन्य साजो-सामान की तैनाती कर रखी है। कीव की आबादी करीब 30 लाख है।
यूरोपीय संघ ने यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों को मान्यता देने के रूस के कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि वह इसमें शामिल लोगों पर प्रतिबंध लगाएगा। इसने यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
रूस द्वारा नए सिरे से मान्यता दिए गये युक्रेन के क्षेत्रो में संयुक्त राज्य अमेरिका ने सोमवार को वित्तीय प्रतिबन्ध लगा दिया है. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर और भी कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा, ”राष्ट्रपति जो बाइडेन यूक्रेन के तथाकथित डीएनआर और एलएनआर क्षेत्रों में या वहां से अमेरिकी व्यक्तियों द्वारा नए निवेश, व्यापार और वित्तपोषण को प्रतिबंधित करने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी करेंगे।”
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने भी यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ 35 मिनट तक फोन पर बात की। बाइडेन के फोन कॉल का मकसद यूक्रेनी संप्रभुता के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता की पुष्टि था।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ट्वीट में कहा कि रूस का निर्णय राष्ट्रपति पुतिन के अंतरराष्ट्रीय कानून और मानदंडों के प्रति अनादर का एक और उदाहरण है

