रांची: झारखंड सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में गो मुक्ति धाम की स्थापना का ऐलान किया है। वित्तमंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने आज अपने बजट भाषण में इस नई योजना की घोषणा की।
गो मुक्तिधाम की स्थापना नामक नई योजना के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक प्रमंडल में एक-एक गो मुक्ति धाम स्थापित करने का प्रस्ताव है, ताकि मृत्यु प्राप्त गोवंशीय पशुओं के शरीर को पवित्र तरीके से निष्पादन कराया जा सके। इसके अलावा बजट में जोड़ा बैल वितरण की योजना अंतर्गत राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कार्यरत किसानों को बैल का वितरण किया जाएगा,ताकि किसान को कम लागत में खेती कार्य में सहयोग मिल सके और अधिक मुनाफा हो सके।
बजट में योजनाओं के लिए 53333 करोड़ में से लगभग 20700 करोड़ बजट राशि खर्च करने की जिम्मेवारी कांग्रेस कोटे से सरकार में शामिल चार मंत्रियों ग्रामीण विकास, कृषि, स्वास्थ्य और खाद्य आपूर्ति एवं योजना तथा वित्त मंत्री को मिली है, जबकि आरजेडी कोटे से शामिल मंत्री को लगभग 354 करोड़ का बजट मिला है। शेष सारी राशि जेएमएम कोटे से सरकार में शामिल मंत्रियों के पास है। इनमें से सबसे अधिक पेयजल स्वच्छता मंत्री के पास 3176करोड़ का बजट है। वहीं शिक्षा मंत्री के पास करीब 9000 करोड़ रुपये का बजट है। वहीं पर्यटन मंत्री के पास लगभग 400करोड़, महिला बाल कल्याण मंत्री केपास 5309करोड़, कल्याण एवं परिवहन मंत्री के पास 2000करोड़ रुपये से अधिक का बजट है, जबकि मुख्यमंत्री के पास जिन पथ निर्माण, भवन निर्माण,जल संसाधन, गृह,उद्योग, खान भूतत्व, वन पर्यावरण और नगर विकास समेत अन्य विभागों की जिम्मेवारी है, उनके पास भी करीब 12हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की जिम्मेवारी है।

