समाचार एजेंसी एएफपी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जर्मनी से बातचीत के बाद यूक्रेन के पास तैनात ठिकानों से रूसी सैनिक वापस आने लगे हैं. रूस के कदम खींचने के पीछे एक और वजह पश्चिमी देशों का एकजुट होकर एक गहन राजनयिक प्रयास को आगे बढ़ाना है. बता दें कि मास्को द्वारा यूक्रेन की सीमाओं के पास 100,000 से अधिक सैनिकों को जमा करने के बाद हमले की आशंका और बढ़ गई थी जिसने अमेरिका के साथ-साथ कई देशों की नींद उड़ा दी. कई देशों का कहना है कि अगर रूस हमला करता है तो यूक्रेन के साथ-साथ कई देश तबाह हो जाएंगे.

