कानपूर: एसआईटी जिले के 40 हजार असलहों की जांच कर रही है. इन असलहों का लाइसेंस किस प्रकार रिन्यूअल हुआ और इनकी फाइल कहाँ है, कौन कौन अधिकारी उस समय थे, जांच अधिकारी इन सब पर गौर कर रहे है. एसआईटी को जानकारी मिली है कि इसमें सैकड़ों असलहों की फाइलें गायब हैं. मामला विकास दुबे की बिकारु काण्ड से जुड़ा है. ऐसे में एसआईटी ने जिला प्रशासन से खुद जांच करके असलहा लाइसेंस स्वीकृत करने वाले अफसरों के नाम, पद व वर्तमान तैनाती पूछी है. इसकी जांच जल्द कराकर अफसरों के नाम, पद व तैनाती एसआईटी को भेजी जाएगी. ऐसे में गायब फाइलों और फर्जी बने असलहा लाइसेंस को स्वीकृत करने वाले अफसरों पर गाज गिरनी तय है.
इस जांच में बिकरू काण्ड के मुख्य आरोपित विकास दुबे के असलहे के लाइसेंस के रिन्यूअल का मामला भी जुड़ा है. विकास दुबे के मददगार और गलत तरीके से उसका असलहा नवीनीकरण करने वाले अफसरों पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है. विकास के दोनों असलहा लाइसेंस का फर्जी तरीके से मुकदमे होने के बावजूद नवीनीकरण हो रहा था. इसके साथ ही जिले में कई सालों तक असलहा लाइसेंस की जांच को कई अफसर दबाए रहे. बिकरू कांड के बाद जब एसआईटी ने जांच की तो उन्होंने बिल्हौर में तैनात रहे एसडीएम, एडीएम फाइनेंस और एडीएम सिटी को दोषी पाया गया. शहर में तैनात रहे एसडीएम, एडीएम समेत अन्य 26 अफसरों को शासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इनमे से 19 अफसर अन्य जिलों में तैनात हैं, जबकि सात अफसर सेवानिवृत्त हो चुके हैं. जवाब संतोषजनक न होने पर सभी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.

