उत्तर प्रदेश के विधान परिषद चुनाव में सपा को जबर्दस्त हार का सामना करना पड़ा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी की हार को लेकर भाजपा पर मनमानी और धांधली करने का आरोप लगाया है. कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र को कुचलने का काम किया है. भाजपा को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा.
बता दें कि यूपी में विधान परिषद चुनाव में 36 सीटों पर 33 सीटें भाजपा ने जीती हैं. तीन सीट निर्दलीय के हाथ लगी जबकि सपा का सूपड़ा साफ हो गया है. अखिलेश यादव ने रिजल्ट पर बयान जारी करते हुए कहा कि दूसरों को जातिवादी बताने वाली भाजपा की ये सच्चाई है कि एमएलसी चुनाव की 36 सीटों में से 18 पर मुख्यमंत्री के स्वजातीय जीते हैं. एससी-एसटी, ओबीसी को दरकिनार कर ये कैसा ‘सबका साथ, सबका विकास‘? अखिलेश ने कहा कि सामाजिक न्याय को लोकतंत्र के जरिए मजबूत करने की लड़ाई समाजवादी लड़ते रहेंगे.
समाजवादी पार्टी ने पहले ही भाजपा की साजिशों के बारे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर सचेत कर दिया था कि भाजपा एमएलसी चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. यह लोकतंत्र और संविधान दोनों का संक्रमण काल है.

