देश भर में कांग्रेस को निराशा हाथ लग रही है. विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद चिन्तन बैठक भी हुई. प्रदर्शन सुधारने के लिए कई प्रदेश अध्यक्ष से इस्तीफा भी लिया गया. बिहार कांग्रेस में भी परिवर्तन कर शीर्ष नेतृत्व को सुधार की उम्मीद है. गुरुवार को बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से मदन मोहन झा ने इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि उनका यह इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया गया है. मदन मोहन झा इस समय दिल्ली में हैं. उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की. बिहार में कांग्रेस की खराब होती स्थिति के लिए चार साल से अध्यक्ष बने रहे झा को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जा रहा था. पार्टी के कद्दावर नेता और विधान परिषद सदस्य प्रेम चंद मिश्रा ने मदन मोहन झा के इस्तीफे की पुष्टि की है. पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं विधायक राजेश राम और विजय शंकर दुबे का नाम अध्यक्ष के तौर पर चल रहा है. एक-दो दिनों में इसका औपचारिक एलान हो जाएगा.
विधानसभा में पार्टी को 19 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं हाल ही में विधान परिषद की 24 सीटों के लिए हुए चुनाव में पार्टी को केवल एक सीट पर जीत मिली थी. इससे उनपर दोबारा इस्तीफा देने का दबाव बन गया था. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद मदन मोहन झा ने कहा कि मैं 6 महीने पहले ही आलाकमान को बोल चुका हूं. मेरा कार्यकाल पूरा हो चुका है, किसी नए को अध्यक्ष बनाया जाए. इसमें इस्तीफा की क्या बात है. कोई नौकरी थोड़े है जो हटाए जाएंगे. मेरा कार्यकाल पूरा हुआ तो किसी न किसी का अध्यक्ष बनना तय है.

