टीपी वर्मा कालेज के प्राचार्य को हटाने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा. शिक्षक फैसले को गलत बताकर लगातार विरोध कर रहे है. मुख्यमंत्री, राजभवन, गृहमंत्री, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को त्राहिमाम संदेश भेजा गया है. विधायक ने प्राचार्य को हटाने की अनुशंसा की थी. प्राध्यापको ने इसे अस्मिता के साथ खिलवाड़ बताया और कहा कि प्राध्यापक डा. वीरेंद्र चौधरी को सम्मान के साथ वापस नही किया गया तो तोवर आन्दोलन होगा.
एसआरपीएस कालेज जैतपुर के वरिष्ठ प्राध्यापक डा. शिवकुमार राम ने कहा कि प्राध्यापक डा. वीरेंद्र चौधरी को प्रभारी प्राचार्य बनाकर फिर एक सप्ताह के अंदर उन्हें हटा देना उनकी अस्मिता के साथ खिलवाड़ है. रामेश्वर ङ्क्षसह कालेज के अर्थशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डा. शारदानंद सहनी ने विश्वविद्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठाया तथा उन्हें वापस करने की मांग की है अन्यथा तीव्र आंदोलन होगा. एलएस कालेज मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापक डा. अजय कुमार ने कहा कि जिस तरह से एक विधायक के कहने पर प्रभारी प्राचार्य को बदला गया यह विवि की अस्मिता पर ही कुठाराघात है. अंगीभूत महाविद्यालयों में प्रभारी प्राचार्य आरक्षण रोस्टर के अनुकूल बनाया जाना चाहिए. दो-दो कालेज में एक ही प्राध्यापक को प्रभार देना न्याय संगत नहीं है. सबको मौका मिलना चाहिए

