मुजफ्फरनगर: दहेज़ के लिए विवाहिता को जिन्दा जलाने वाली दो महिलाओं को उम्रकैद की सजा मिली है. कोर्ट का मानना है की ऐसे आदेश से समाज में इस प्रकार के अपराध करने वालों के मन में कठोर सन्देश जायेगा. घटना आज से करीब आठ साल से पहले की है, जब एक विवाहिता को जिंदा जला दिया गया था. यूपी के मुजफ्फरनगर में दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने ऐसी सजा दी है, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में दो महिलाओं को उम्रकैद जबकि पांच अन्य लोगों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई.
लोक अभियोजक विरेन्द्र नागर ने बताया कि न्यायाधीश सुमित पंवार ने सायरा और सन्नी को उम्रकैद जबकि अन्य को 10-10 साल कैद की सजा सुनायी है. अभियोजक ने बताया कि बेगम की सास का नाम भी आरोपियों में था, लेकिन सुनवाई के दौरान उसकी मौत हो गई. न्यायाधीश पंवार ने सभी दोषियों पर 4-4 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है
घटना 2013 में बुधाना थाना क्षेत्र के हुसैनीपुर गांव की है. रिजवान, मेहताब, नौशाद, एहसान और उसकी पत्नी ताहीरा, सायरा और सन्नी ने अपनी भाभी गुलिस्ता बेगम को जिंदा जला दिया था. कोर्ट ने इन सबको दहेज हत्या का दोषी पाया है.

