भारत रत्न बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रदेश द्वारा झारखंड समरसता दिवस के रूप में मनाया. विहिप के प्रांत समरसता प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र व प्रदेश संगठन मंत्री देवी सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने झारखण्ड उच्च न्यायालय डोरंडा के समीप स्थापित डॉ आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित किया. वक्ताओं ने इस अवसर पर समाज में समरसता का भाव जागरण की बात कही. प्रांत समरसता प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र ने कहा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर मां भारती के सच्चे सपूत एवं एक महान देशभक्त थे. वे सामाजिक समानता के पक्षधर थे. उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था जहां सनातन धर्म के प्रति आस्था एवं संस्कृति के प्रति सम्मान था. उन्होंने धर्म परिवर्तन हिंदू धर्म के विनाश के लिए नहीं बल्कि अपने मौलिक सिद्धांतों के लिए किया. उन्होंने समाज के शोषित एवं वंचित वर्ग के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया तथा समाज से छुआछूत ,अस्पृश्यता, जातिगत भेदभाव आदि बुराइयों को मिटाकर एक सशक्त एवं स्वाभिमानी समाज के निर्माण की नींव रखी. बाबा साहब के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज का संगठन एवं राष्ट्र की उन्नति के लिए हम सभी को संकल्पित होकर कार्य करने की आवश्यकता है.

