श्रीलंका ने मंगलवार को खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है. श्रीलंका ने ऐलान किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बकाया 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज को चुका नहीं पाएगा.श्रीलंका पर जितना कर्ज है, उसमें 47 फीसदी कर्ज तो बाजार से लिया गया है. इसके बाद 15 फीसदी कर्ज चीन का है, एशियन डेवलेपमेंट बैंक से 13 फीसदी, वर्ल्ड बैंक से 10 फीसदी, जापान से 10 फीसदी भारत से 2 फीसदी और अन्य जगहों का कर्ज 3 फीसदी है. श्रीलंका सरकार ने कर्ज लेकर तो खूब ऐश की, लेकिन अब वक्त चुकाने का आया है तो खजाना खाली है, जनता सड़क पर है और विपक्ष उसके साथ खड़ा है, जिससे पूरी राजपक्षे सरकार की नींद उड़ गई है. विपक्ष आने वाले दिनों में प्रदर्शनों को और तेज करने की बात कह रहा है.

