संत जेवियर्स स्कूल डोरंडा के 62 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित नव सृजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बतौर मुख्य अथिति स्कूल के नवनिर्मित डायमंड जुबली ब्लॉक का उद्घाटन किया. साथ ही स्कूल की पुस्तिका इंडेवर का विमोचन किया. मौके पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बढती गर्मी और बच्चों को ध्यान के रखकर हम विचार कर रहे है कि स्कूल बसों को एंबुलेंस की तरह रास्ता मिले, ताकि छोटे बच्चों को जल्दी घर पहुंचने में सुविधा हो. इस संबंध में जल्द ही सरकार निर्णय लेगी. हालांकि अबतक इसपर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. आम लोगों को भी इस विषय पर विचार कर स्कूल बसों को रास्ता देने का प्रयास करना चाहिए. मौके पर संत जेवियर्स स्कूल के प्रिंसिपल रेवरेन फादर अजीत खेस एसजे, रेवरेन विनय कंडूलना, रेक्टर एलेक्स एक्का एवं अन्य उपस्थित थे.
मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए और उनकी प्रस्तुति की सराहना की. कहा कि राज्य अगर शिक्षा के क्षेत्र में कहीं विशेष जगह बनाता है तो इसमें ऐसी संस्थाओं का बहुत बड़ा योगदान है. 60 वर्ष से ऊपर के सफर में कई उतार-चढ़ाव भी स्कूल ने देखें हैं. आज भी उसी उत्साह, ताकत और क्षमता के साथ स्कूल दिशा तय कर रहा है. देश में स्कूल की एक अलग पहचान है. चुनौतियों के बावजूद अपने मुकाम तक पहुंचना कठिन होता है. फादर अजीत खेस की भूमिका सिर्फ कैंपस के आसपास नहीं बल्कि उनकी दूरदर्शिता कई मायनों में खास है. स्कूल का प्रयास सदैव आगे बढ़ने का रहा है.

