नई दिल्ली:- जेल में बंद गैंगस्टर नाहिद हसन को कैराना से उम्मीदवार बनाकर अखिलेश यादव मुश्किल में घिर गए हैं.नाहिद हसन पर करीब 11 महीने पहले लगाए गए गैंगस्टर एक्ट के तहत हिरासत में है और वह समाजवादी पार्टी से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण में नामांकन दाखिल करने वाले पहले उम्मीदवार हैं.
सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से समाजवादी पार्टी की मान्यता खत्म करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की गई है. इस अर्जी में कहा गया है कि चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सपा ने उल्लंघन किया है और इसके लिए उसकी मान्यता खत्म की जाए.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अश्विनी उपाध्याय ने अपनी अर्जी में सुप्रीम कोर्ट से माँग की है कि चुनाव आयोग को आदेश दिया जाए कि वह यह सुनिश्चित करे कि हर पार्टी अपने प्रत्याशियों पर दर्ज मुकदमों के बारे में जानकारी प्रकाशित करे. इसके अलावा अपनी वेबसाइट पर भी यह जानकारी दे कि आखिर आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बाद भी उसे प्रत्याशी क्यों बनाया गया है.
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने अपनी पहली सूची में कैराना से हिन्दुओं के पलायन का मास्टरमाइंड गैंगस्टर नाहिद हसन को चुनाव मैदान में उतारा था. उधर, नाहिद हसन को यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद सपा ने उसका टिकट काट दिया है और विरोध के बाद नाहिद की बहन को टिकट दिया है.
बता दें कि 13 फरवरी 2021 को कैराना से दो बार विधायक रहे नाहिद हसन पर शामली पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट लगा दिया था. इसके अलावा भी उसपर कई आपराधिक मामले हैं. जिनमें यूपी पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है.

