पवन हंस लिमिटेड (पीएचएल) का खरीदार मिल गया है. सरकार ने अपनी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी 211.14 करोड़ रुपये में स्टार9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड को बेचने की मंजूरी दे दी है. अब पीएचएल का प्रबंधकीय नियंत्रण भी स्टार9 मोबिलिटी के ही पास रहेगा. आपको बता दें कि स्टार9 मोबिलिटी एक समूह है जिसमें बिग चार्टर प्राइवेट लिमिटेड, महाराजा एविएशन प्राइवेट लिमिटेड और अल्मास ग्लोबल ऑपरच्युनिटी फंड एसपीसी शामिल हैं.सरकारी हेलीकॉप्टर कंपनी पवन हंस इस समय गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है. यह देश की इकलौती सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान करने वाली कंपनी है. तीन दशक से भी अधिक पुरानी इस कंपनी को वित्त वर्ष 2018-19 में लगभग 69 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. इसके बाद साल 2019-20 में भी कंपनी को लगभग 28 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था. इसी के चलते सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है.

