भाजपा छोड़ कर अपनी स्वतंत्र पार्टी बनाने वाले झारखण्ड के कद्दावर नेता सरयू राय राज्य में तीसरे मोर्चे के गठन की बात कर रहे है. इसको लेकर उन्होंने कवायद शुरू कर दी है. आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो और विधायक कमलेश सिंह और को साथ मिलाकर तीसरे मोर्चे का गठन का प्रस्ताव दिया है. इन नेताओं से राज्य की अव्यवस्था के खिलाफ सदन में आवाज उठाने की बात कही. श्री राय रविवार को मानगो डिमना रोड स्थित राजस्थान भवन में भारतीय जनतंत्र मोर्चा (भाजमो) के जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन को मुख्या अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर एवं जनसंघ के संस्थापक डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं दीन दयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पर्पित कर किया। मौके पर भाजमो के केंद्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी, उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों उपस्थित थे.
श्री राय ने कहा कि भाषा विवाद का नहीं, संवाद का माध्यम होना चाहिए और सभी भाषाओं का इस राज्य में सम्मान होना चाहिए। भाषा विवाद पर विपक्ष सदन में चुप्पी साधे हुए है. सरकार के मंत्री भी सदन के अंदर कुछ और बाहर कुछ और बोल रहे।बहुसंख्यक समाज के अलावा जो लोग वर्षों से राज्य में रह रहे है उनके लिए सरकार को सोचना चाहिए. भोजपुरी मगही को भाषा सूची में शामिल करने के बाद सरकार हटा देती है, फिर ये स्पष्ट करना चाहिए कि इन भाषाओँ के पहले किस आधार पर शामिल किया गया था.

