सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने ने कहा कि कोई देश शेयर बाजार के नीचे गिरने और हजारों निवेशकों के कंगाल होने के बाद भी झटके को सह सकता है यदि उसके सशस्त्र बल मजबूत हैं. उन्होंने कहा कि सभी ने देखा कि संकट के समय अर्थव्यवस्था पर कितना असर पड़ता है. ‘कहीं भी युद्ध होता है, कभी भी किसी क्षेत्र में अस्थिरता होती है तो आप सीधे शेयरों पर, स्टॉक मार्केट पर असर देख सकते हैं.’ जनरल नरवणे ने कहा कि इस तरह के झटकों को तभी झेला जा सकता है जब देश के सशस्त्र बल मजबूत हों. सेना प्रमुख ने उक्त बातें राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में बुधवार को पुस्तक ‘फिफ्टी ईयर्स ऑफ 1971 वॉर: एकाउंट्स फ्रॉम वेटरन्स’ का विमोचन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही. सेना प्रमुख ने शसस्त्र बलों पर खर्च को एक निवेश बताया है. सेना प्रमुख ने कहा कि सशस्त्र बलों पर खर्च एक ऐसा निवेश है जिस पर पूरा रिटर्न मिलता है और इसे अर्थव्यवस्था पर बोझ के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

