धनबाद: रेलवे ठेकेदार बबलू सिंह की हत्या में मुख्य भूमिका निभाने वाले तीन अपराधी तीन हथियार के साथ गिरफ्तार हो गए हैं. वरीय पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि बबलू रंगदारो के सिंडीकेट से अलग रहकर काम करता था जो सिंडीकेट को नागवार गुजरा.
रेलवे ठेकेदार के बंदरबांट में शामिल नही हुआ सिंडिकेट ने बबलू सिंह की जान ले ली. धनबाद एसएसपी संजीव कुमार ने बुधवार को मामले का उद्भेदन करते हुए यह कहा. एसएसपी ने बताया कि सिंदरी डीएसपी व जोरापोखर इंस्पेक्टर की सूझबूझ से पुलिस ने बबलू हत्याकांड को सुलझाने में सफलता प्राप्त की है. मामले में मुक्य आरोपी मनोज के साथ राम विलास और राजीव को गिरफ्तार किया गया है. 9 mm की दो पिस्टल, देसी कट्टा, मोबाइल, आदि बरामद किये है. गोली किसने चलायी इसका अभी खुलासा नही किया गया है.
बता दें कि दो अप्रैल को फुसबांगला रेलवे क्रॉसिंग के समीप बाइक पर सवार अपराधियों ने रेलवे ठेकेदार बबलू सिंह को दौड़ा कर गोली मारी थी. इसमें बबलू की मौत हो गई थी.वरीय पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने एक टीम गठन कर अनुसंधान को आगे बढ़ाया. जांच करते करते पुलिस उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई. धनबाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश की पुलिस का सहयोग लिया और अपराधियों के गर्दन तक पुलिस की हाथ पहुंच गई. रेलवे ठेकेदार बबलू सिंह हत्याकांड में तीन अपराधी को गिरफ्तार किया गया है.
एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड में गिरफ्तार लोग एक पेशेवर अपराधी है. जिनका काम रेलवे ठेका को मैनेज करना होता था. रैलवे ठेकेदार का एक सिंडिकेट है जो यह फाइनल करते थे की इस बार ठेका किसको लेना है. सिंडिकेट के मेम्बर ठेका को हाई रेट तक ले जाते थे. इसके बाद एक को ठेका मिलता था बाकि को हिस्सा. बबलू सिंह को भी सिंडिकेट में शामिल करने का प्रयास किया गया पर बबलू इस गोरखधंधे में शामिल होने से इंकार कर दिया. बबलू सिंडिकेट से कम रेट पर ठेका ले लेता था, जो सिंडिकेट को नागवार गुजरा और उसे रस्ते से हटा दिया.
एसएसपी ने बताया की रेकी कर हत्याकांड को अंजाम दिया है. अनुसन्धान में गिरफ्तार तीनो लोगों का लोकेशन घटना के वक़्त घटना स्थल के पास मिला है. सिंडिकेट ने साल 2019 में भी बबलू पर बम चलाकर धमकाने की कोशिश की थी. सिंडिकेट की बात नही मानने पर पहले धमकाया जाता था और नहीं मानने पर घटना को अंजाम दिया जाता. हत्या में तीनो शामिल, मनोज ही मुख्य साज़िश कर्ता , सिंडिकेट, पेक्टोर, एक ग्रुप का कब्ज़ा, पांच ठेकेदार है. एक को ठेका मिलता बाकी को उसका क्त मिलता था, बबलू इनके गोरखधंधे में नही था. बरामद हथियार को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा.


