उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रकिया की वजह से समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई में 26 साल बाद अब उनके परिवार का कोई सदस्य ब्लॉक प्रमुख नहीं बन सकेगा. असल में ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि 1995 से आरक्षण प्रकिया लागू होने के बाद सैफई में दलित आरक्षण की प्रकिया नहीं अपनाई गई थी. इसी कारण योगी सरकार की ओर से आरक्षण प्रकिया को सख्ती से अपनाने के निर्देश दिये गए थे और इसी वजह से सैफई में ब्लॉक प्रमुख पद अनसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है.
सैफई ब्लॉक बनने के बाद से अब तक यहां की कुर्सी मुलायम सिंह यादव के भतीजों, नाती पूर्व सांसद और बिहार के मुख्यमंत्री लालू यादव के दामाद तेज प्रताप और उनके माता-पिता, चाचा के ही पास रही है. फिलहाल यहां से लालू की समधन और तेज प्रताप की मां मृदुला यादव ब्लॉक प्रमुख हैं.
इस बार ब्लॉक प्रमुख पद एससी महिला को आरक्षित हो जाने के चलते सपा को कैंडिडेट ढूंढना पड़ेगा, वो भी ऐसा जो कि परिवार के बेहद करीब हो. साल 1995 में पहली बार सैफई ब्लॉक बना था और तभी ये सीट सिर्फ सामान्य या फिर ओबीसी के लिए ही आरक्षित रही है.

