6 फरवरी को बरही के रुपेश पाण्डेय की मौत पर झारखण्ड की राजनीति उबल रही है. झामुमो के हेमंत सोरेन की सरकार इस मामले पर भाजपा को रोक रही है वहीं भाजपाई किसी दम पर मानते नही दिख रहे. स्व रुपेश के परिजनों तक पुलिस प्रशासन भाजपा के बड़े नेताओं को पहुँचने ही नहीं दे रही है. इससे पहले 16 फरवरी को भाजपा नेता कपिल मिश्रा को राँची एयरपोर्ट पर रोक दिया था और आज शुक्रवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश को रुपेश के घर नहीं जाने दिया. उन्हें बरही से लगभग 50 किलोमीटर पहले चरही में पुलिस ने रोक दिया. पुलिस का कहना था की उनके बरही जाने से विधि-व्यवस्था में दिक्कत आ सकती है.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि उन्हें लिखित तौर पर बताया जाये कि उन्हें इस तरह रास्ते में क्यों रोका गया है? कहा कि आज रूपेश पांडे का श्राद्ध कर्म है.मैं श्रद्धांजलि अर्पित करने जा रहा था. यह गुनाह है क्या? एक तरफ सरकार के तीन मंत्री बरही जाकर रूपेश के घरवालों से मिलते हैं, लेकिन भाजपा के नेताओं-कार्यकतार्ओं को जबरन रोक दिया जाता है. झारखण्ड सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गयी है.
बता दे की सरस्वती पूजा के विसर्जन के दौरान 6 फरवरी को 17 वर्षीय रूपेश पांडेय की कुछ लोगों ने इतना पीटा की उसकी मौत हो गयी. जिसके बाद बरही सहित राज्य के कई इलाकों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. इन्टरनेट सेवा बंद कर दी गयी थी. प्रशासन ने बरही, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह सहित कई स्थानों पर धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा रखा है. तनाव को देखते हुए हजारीबाग जिला प्रशासन ने बरही में रूपेश पांडेय के परिजनों से बाहरी लोगों के मिलने पर भी प्रतिबंध लगा रखा है.

