गरीबों के निवाले छीने जा रहे है पर कोई इनकी फरियाद नहीं सुन रहा है. गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड में राशन घोटाले को लेकर स्थानीय ग्रामीण, लाभुक, सामाजिक कार्यकर्ता व राजनीतिक कार्यकर्ता प्रखंड मुख्यालय में 1 सप्ताह से धरना पर बैठी है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सितंबर महीने का राशन अभी तक लाभुकों को नहीं मिला है. लाभुकों से उनका सिग्नेचर और थंब स्कैन भी ले लिया गया है. इसी प्रकार अभी तक जनवरी और फरवरी महीने का राशन निर्गत नहीं किया गया है और लोगों से डीलरों के द्वारा जबरन सिग्नेचर और ले लिया गया है.
धरना पर बैठे लोगों की कोई बात तो नही सुन रहा पर सोमवार को इन्हें हटाने के लिए अधिकारी जरुर पहुँच गये. खोरीमहुआ एसडीएम धीरेंद्र कुमार सिंह धरना स्थल पहुंचे. आन्दोलन कर रहे लोंगो से बात की पर उन्होंने अनशन तोड़ने से मना कर दिया. इसके बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई, पर एसडीएम के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ.
एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को 15 दिन के अंदर सुलझा लिया जाएगा. आश्वस्त होने के बाद ही प्रदर्शनकारियों ने अपना अनशन खत्म किया है.
सामाजिक कार्यकर्ता गौतम सागर राणा ने समस्याओं का हल नहीं करने की स्थिति में प्रखंड मुख्यालय में ही आत्मदाह करने की चेतावनी दी है. इसे लेकर पूरे इलाके में प्रशासन से लेकर संबंधित विभाग के पदाधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है.

