धनबाद: हीरापुर के जेसी मल्लिक अभया अपार्टमेंट डकैती कांड के मुख्य आरोपी योगेंद्र महतो उर्फ अजय चौहान उर्फ मास्टर को धनबाद पुलिस नालंदा जेल से लेकर धनबाद पहुंची. पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। न्यायालय ने योगेंद्र से पूछताछ के लिए सात दिनों की मोहल्लत दी है। शुरुआती पूछताछ में ही उसने अभया अपार्टमेंट डकैती में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है।
अंतरराज्यीय गैंग का सरगना योगेंद्र महतो उर्फ मास्टर को 16 जुलाई 2021 की रात हरनौत में बाइक शोरूम के मालिक के घर हुई डकैती मामले में बिहार पुलिस ने पकड़ा था। मास्टर 2004 में धनबाद में जिला परिषद कॉलोनी में प्रभाषचंद्र मंडल, 2003 में डीजीएमएस कॉलोनी में सुधीर कुमार और 2006 में हाउसिंग कॉलोनी में विशाल दीक्षित के घर भी डकैती कांडों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ धनबाद के अलावा रांची, पटना, गोपालगंज, गया, कहलगांव, सिवान, सारण और हरनौत थाना में डकैती के मामले दर्ज हैं। वर्ष 2012 में मास्टर को धनबाद कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद उसने डकैतों का संगठित गिरोह बनाया। 2012 में ही उसने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ रांची बरियातू थाना क्षेत्र में सीबीआई के एक जज और रांची के डीटीओ के घर में डकैती की थी। वह बिहार के गोपालगंज के एक सांसद के घर भी डाका डाल चुका है।
अभया अपार्टमेंट डाका में पहले ही यूपी के मुन्ना यादव और बोकारो के रामजी साव की संलिप्तता सामने आ चुकी है। दोनों ने धनबाद पुलिस के समक्ष खुलासा किया था कि डकैती के बाद सभी आरोपी स्टेशन पर सुबह पौने चार बजे हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस से कुल्टी गए थे। मास्टर डकैती के गहने लेकर चला गया। डकैती के बाद उन लोगों के बीच चार-चार हजार रुपए का बंटावारा हुआ। बाकी रुपए गहने बेचने के बाद देने की बात हुई थी। पांच सितंबर 2021 को मास्टर ने डाका में शामिल सभी आरोपियों को 50-50 हजार रुपए दिए। बताया कि गहनों को उसने नौ लाख रुपए में बेचे हैं। पुलिस योगेंद्र से पूछ रही है कि उसने गहने किसको बेचे थे। साथ ही मनोरम नगर में जैन बंधु और कंबाइंड बिल्डिंग में हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अतुल वर्मा के घर हुई डकैतियों के संबंध में भी उससे पूछताछ की जा रही है।


