कर्नाटक हिजाब विवाद में प्रियंका गाँधी वाड्रा और मलाला युसुफुजई के बाद बांग्लादेश की मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन का बयान आया है. महिलाओं की स्थिति पर अपनी बेबाक राय रखने वाली लेखिका ने समान नागरिक संहिता और समान ड्रेस कोड की वकालत की. कहा कि बुर्का और हिजाब कभी भी महिलाओं की पसंद नहीं हो सकते. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “पॉलिटिकल इस्लाम की तरह, बुर्का/हिजाब भी आज पॉलिटिकल है. ‘
नसरीन ने लिखा, ‘मुस्लिम महिलाओं को बुर्का एक अंधेरे युग की शुद्धता की पट्टी की तरह देखना चाहिए. मेरा मानना है कि संघर्ष को रोकने के लिए समान नागरिक संहिता और समान ड्रेस कोड आवश्यक हैं. धर्म का अधिकार शिक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं है.”

