BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

हिजाब विवाद: सही समय आने पर SC करेगा हस्तक्षेप, राष्ट्रीय मुद्दा न बनाये इसे

by bnnbharat.com
February 11, 2022
in समाचार
हिजाब विवाद: सही समय आने पर SC करेगा हस्तक्षेप, राष्ट्रीय मुद्दा न बनाये इसे
Share on FacebookShare on Twitter

कर्नाटक में हिजाब मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. हालांकि sc ने इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है. hc ने अंतरिम आदेश दिया है कि फैसला आने तक कोई भी छात्र धार्मिक कपड़े पहनकर स्कूल-कॉलेज नहीं जा सकेंगे. इस मामले को लेकर एक छात्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा छात्रा के वकीलों को नसीहत दी कि इसे राष्ट्रीय मुद्दा न बनाएं. सही समय आने पर सुप्रीम कोर्ट इसमें हस्तक्षेप करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वो कर्नाटक मामले में नजर बनाए हुए है और फिलहाल हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है.हिजाब को लेकर देश भर में चल रहे हंगामे के बीच कॉलेज से कोर्ट पहुंचा मामला गुरुवार को भी सुलझ नहीं पाया. कर्नाटक हाईकोर्ट  के चीफ जस्टिस रितुराज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस कृष्णा एम खाजी की पीठ में मामले की सुनवाई हुई. दोपहर ढाई बजे से लेकर शाम 5 बजे तक छात्राओं के वकील देवदत्त कामत और संजय हेगड़े ने एक के बाद एक तमाम दलीलें पेश कीं. दोनों वकीलों ने कहा कि अदालत छात्रों का हित देखते हुए सुनवाई के दौरान कॉलेज खोलने का अंतरिम आदेश जारी करे. इस पर कोर्ट ने कहा कि हम स्कूल-कॉलेज खोलने का आदेश जारी कर सकते हैं, लेकिन इस दौरान धार्मिक परिधान पहनने की छूट किसी को भी नहीं होगी. चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हम अमन-चैन चाहते हैं. कोर्ट ने छात्राओं के वकीलों की दलीलों को दरकिनार करते हुए अंतरिम आदेश दिया कि मामले पर फैसला आने तक कोई भी छात्र धार्मिक कपड़े पहनकर स्कूल-कॉलेज नहीं जा सकेंगे. हम सभी को धार्मिक कपड़े पहनने से रोक रहे हैं. मामले की अगली सुनवाई सोमवार 14 फरवरी 2022 को होगी. कर्नाटक के कई कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने वालीं लड़कियों को कॉलेज में एंट्री नहीं दी जा रही है. वहीं, हिजाब के जवाब में हिंदू लड़कियां केसरिया दुपट्टा पहनकर आने लगी हैं. विवाद की शुरुआत उडुपी के एक कॉलेज से हुई थी, जहां जनवरी में हिजाब पर बैन लगा दिया था. इस मामले के बाद उडुपी के ही भंडारकर कॉलेज में भी ऐसा ही किया गया. अब यह बैन शिवमोगा जिले के भद्रवती कॉलेज से लेकर तमाम कॉलेज तक फैल गया है. इस मामले को लेकर रेशम फारूक नाम की एक छात्रा ने कर्नाटक हाईकोर्ट याचिका दायर की है. इसमें कहा गया कि हिजाब पहनने की अनुमति न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत मौलिक अधिकारों का हनन है. गुरुवार को भंडारकर कॉलेज में हिजाब पहनी छात्राओं को कॉलेज के प्रिंसिपल ने अंदर नहीं आने दिया था. उनका तर्क था कि शासन के आदेश व कालेज के दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हें कक्षाओं में यूनिफॉर्म में आना होगा. जबकि छात्राओं का तर्क था कि वे लंबे समय से हिजाब पहनकर ही कॉलेज आती रही हैं.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

जेल में बंद मुख्तार सपा गठबंधन से लड़ेंगे चुनाव

Next Post

भ्रामक वीडियो व अफवाह फैलाने में मामले में हजारीबाग के 15 व्यक्तियों पर पुलिस का शिकंजा

Next Post

भ्रामक वीडियो व अफवाह फैलाने में मामले में हजारीबाग के 15 व्यक्तियों पर पुलिस का शिकंजा

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d