झारखण्ड में रामनवमी पर हुए उपद्रव पर विश्व हिन्दू परिषद झारखण्ड ने तीखी प्रतिक्रिया दर्ज की. राज्य के सभी जिलों ओ कई प्रखंड में प्रशासन को उपद्रवियों पर कार्यवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपा. प्रदेश मंत्री विरेन्द्र साहू. संगठन मंत्री देवी सिंह ने राज्य के आला अधिकारियों से दोषियों पर सख्त कार्यवाई करने की मांग की. मेदिनी नगर पलामू के जिला अध्यक्ष उमेश कुमार अग्रवाल, जिला मंत्री दामोदर मिश्र, जिला सह मंत्री श्री अमित कुमार तिवारी, जिला बजरंग दल संयोजक संदीप कुमार दास, नगर बजरंग दल संयोजक विवेक चौबे ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी की.
अधिकारियों ने कहा कि झारखंड प्रदेश के अनेक जिलों में वर्ष प्रतिपदा एवं रामनवमी में हिन्दुओं के वार्षिक पर्व/शोभायात्रा में मुस्लिम जिहादी उपद्रवियों द्वारा सुनियोजित तरीके से झारखंड के कई जिलों में अनेक स्थानों पर घटनाओं को अंजाम दिया गया है. जिसमें मुख्य रूप से खूंटी के मंगल वारी शोभायात्रा पर व्यवधान डालते हुए मार्ग रोकने, पत्थरबाजी करने, तथा, लोहरदगा में मेले को घेरकर हरवे, हथियार के साथ जानलेवा हमला करने, बोकारो के बालीडीह एवं फुसरो में पत्थरबाजी करने, चतरा में ध्वज लगाने के क्रम में मारपीट करने, इसी प्रकार कोडरमा जिले में चार स्थानों पर शोभायात्रा पर बाधा उत्पन्न करने का कार्य किया गया. धनबाद, पलामू, गढ़वा में भी घटनाएं हुई हैं. रांची में मांडर प्रखंड के मंदरो गांव के मुख्य सड़क में इस्कॉन संस्था के संतों द्वारा संकृतन यात्रा में पत्थरबाजी कर यात्रा रोकने, और, गिरिडीह के गांडेय में महावीरी झंडा जलाने का कार्य किया गया. रांची शहर में भी कई स्थानों पर शोभायात्रा रोक कर मारपीट करने व आगजनी करने का कार्य किया गया. इन सभी घटनाओं के बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन केवल हिन्दुओं के ऊपर ही एक तरफा कानूनी कार्रवाई पूरे प्रदेश/जिले/प्रखंड में कर रही है. घटना के मूल दोषी को ढूंढकर पकड़ने के बजाय प्रशासन बैलेंस स्थापित करने के लिए, या, कहें तत्काल शांति बहाल करने के लिए कार्रवाई करती है, जिसमें अधिकांश निर्दोष हिंदुओं की गिरफ्तारी होती है तथा मुकदमा किया जाता है.
इन घटनाओं से हिन्दू समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है. इसकी विश्व हिन्दू परिषद _ बजरंग दल भर्त्सना करते हुए कड़ी निन्दा करते हुए झारखंड की वर्तमान सरकार को कड़ी चेतावनी देती है, कि, हिन्दू समाज के धैर्य की परीक्षा नहीं ली जाय. अन्यथा इन सभी घटनाओं की हिन्दू समाज उन्हीं की भाषा में प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी, तो, शासन- प्रशासन की चुलें हिल जायेगी. अतः समय रहते सरकार पूर्वाग्रह की मानसिकता से ऊपर उठकर उचित न्यायसंगत कानूनी कार्रवाई करे, अन्यथा, विश्व हिन्दू परिषद-बजरंग दल आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

