रांचीः रांची समेत पूरे राज्य में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद अब हेल्थ डिपार्टमेंट एक बार फिर से अलर्ट मोड में आ गया है. सभी जिले के DC को सख्त रुख अख्तियार करने का निर्देश दिया गया है. हेल्थ सेक्रेटरी केके सोन ने संक्रमण के नियंत्रण के लिए एक बार फिर राज्य में सघन जांच अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है.
इसके तहत कंटेनमेंट जोन, माइक्रो कंटेनमेंट जोन, क्लस्टर आदि की पहचान कर काटैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी. साथ ही विशेष जांच अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है. हेल्थ सेक्रेट्री ने कोरोना अस्पतालों में सामान्य बेड, आइसीयू, वेंटिलेटर युक्त बेड की संख्या बढ़ाने को भी कहा है. साथ ही, प्राइवेट हॉस्पिटल्स में 10% बेड कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रिजर्व रखने का निर्देश दिया है.
जिलों व प्रखंडों में हर रोज मिलने वाले मरीजों की मैपिंग करने और ऐसे क्लस्टर चिह्नित करने का निर्देश दिया है, जहां कोरोना के अधिक रोगी सामने आ रहे हैं. 50 मीटर की परिधि में 24 घटे में तीन से ज्यादा केस सामने आने पर उसे क्लस्टर घोषित करते हुए न्यूनतम 100 घरों की कांटैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी.
हेल्थ सेक्रेटरी ने निर्देश दिया है कि लक्षण वाले मरीजों की 24 घंटे के भीतर एंटीजेन जांच कराएं. RT-PCR के लिए भी सैंपल ले लिया जाए. अगर उनकी एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आती है तो RT-PCR जांच जरूर कराई जाए. पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वाले मरीजों की भी 24 घंटे के भीतर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं.
संक्रमितों के इलाज में उपयोग किए जा रहे दवाओं का स्टॉक बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. इन दवाओं में रेमडेसिवीर इनफ्यूजन, फेविपिराविर टैबलेट, आइवरमेक्टिन टैबलेट और एजीथ्रोमाइसिन टैबलेट के साथ विटामिन बी और सी की दवाएं भी शामिल हैं.
पहले बगैर लक्षण वाले संक्रमितों की संख्या रिम्स में अधिक हो गई थी. इस कारण गंभीर रोगियों को भर्ती होने में काफी परेशानी होती थी. इस बार रिम्स के ट्रामा सेंटर में सिर्फ गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जाएगा. एसिंप्टोमैटिक और माइल्ड सिंप्टोमैटिक संक्रमितों को सदर अस्पताल में भर्ती किया जाएगा.

