उत्तर प्रदेश: हरदोई में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी पाने वाले 10 शिक्षकों को विशेष अनुसंधान दल की रिपोर्ट के बाद तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है. साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं.
इसके संबंध में बीएसए हेमंत राव ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी और टेंपर्ड प्रमाण पत्र लगाकर 16 लोगों ने परिषदीय विद्यालयों में नौकरी पा ली थी.
हालांकि विशेष अनुसंधान दल की जांच के बाद छह शिक्षकों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है.
वहीं 10 अन्य शिक्षकों को भी बर्खास्त कर दिया गया है. इसके अलावा बीएसए ने बताया कि इनके वेतन पर तत्काल रोक लगाने के बाद संबंधित बीईओ को रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए है और इसके साथ ही उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है.
बता दें कि बर्खास्त होने वालों में भरखनी के प्राथमिक विद्यालय तेरा के सतेंद्र कुमार, इसी ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय अनंगपुर की आशू, हरपालपुर के प्राथमिक विद्यालय नरौथा के आनंद कुमार शाक्य, उच्च प्राथमिक विद्यालय मिरगावां के राधेश्याम, प्राथमिक विद्यालय मुर्वाशहाबुद्दीनपुर के अनिल कुमार शामिल हैं.
वहीं टोडरपुर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सराय रानक के अभिषेक कुमार, माधौगंज ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय शाहपुर वसुदेव की नमिता देवी, प्राथमिक विद्यालय मल्लाहनपुरवा के विजय कुमार राजन, सांडी के उच्च प्राथमिक विद्यालय लाहौरीपुरवा की ममता त्रिपाठी व अहिरोरी के प्राथमिक विद्यालय कसमंडी के शिक्षक गजेंद्र सिंह पर भी कार्रवाई की गई है.
हालांकि इससे पहले भी वर्ष 2015 में फर्जी शिक्षकों का मामला सामने आया था जिसके बाद धीरे-धीरे मामले खुलते गए और 2017 तक आते-आते तकरीबन 100 फर्जी शिक्षकों को निकाल कर बाहर किया गया था. इसके बाद इस पूरे मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई थी.

