रांची: झारखंड विधानसभा में राजधानी रांची में बनने वाले 1008 लाईट हाउस परियोजना में में लाभुक को छह लाख 69 हजार रू. देने के मामले में मंत्री चंपई सोरेन ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का आर्हता रखने वाले लाभुक के लिए इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना मुश्किल है. इस संबंध में मुख्यमंत्री से विचार कर आगे का निर्णय लिया जाएगा.
विधायक प्रदीप यादव के अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से यह सवाल उठाते हुए कहा कि रांची में बननेवाले 1008 लाइट हाउस से संबंधित सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यांश के बाद भी गरीबों को 6.79 लाख रुपये लगाने पड़ते हैं, जो उनके लिए असंभव है. उन्होंने बताया कि पीएम आवास की अर्हता रखनेवाले को ही लाइट हाउस योजना का लाभ मिलना है. ऐसे में इस योजना के तहत लाभ सिर्फ एजेंसी और कंपनी को ही मिलेगा. इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि बहुत गंभीर प्रश्न है. इसपर मुख्यमंत्री से विचार कर सरकार आगे की कार्यवाही करेगी.
भाजपा मनीष जायसवाल ने पंचायत सचिवालय स्वयंसेवकों की सेवा नियमित करने की मांग की. प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि इन्हें वर्ष 2016 में सरकार द्वारा जारी संकल्प के आधार पर रखा गया था और 17 हजार 200 से अधिक स्वयंसेवक राज्य के निवासी है, सरकार इनकी सेवा नियमितीकरण को लेकर विचार करेगी.

