धनबाद: एक ही स्थान पर वर्षों से जमे पंचायत सचिवों को धनबाद के उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने हिला दिया है. धनबाद में सात साल बाद पंचायत सचिवों को ईधर से उधर किया गया है. इसी जद में 101 पंचायत सचिव आए हैं. इन्हें नए स्थान पर योगदान करना होगा. ऐसा नहीं करने वाले 24 फरवरी से स्वतः पुराने कार्यस्थल से पद मुक्त समझे जाएंगे. सभी को नए कार्यस्थल में योगदान देने का निर्देश दिया गया है. इस कार्यवाही से पंचायत सेवक सकते में आ गए हैं.
डीसी की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायती बोर्ड की मीटिंग में 45 मिनट पर इस कार्रवाई पर मुहर लगी. देर रात नोटिफिकेशन पर डीसी का हस्ताक्षर हो चुका है. पंचायत सचिवों के तबादला आदेश पर सभी पंचायतों में सरगर्मी बनी हुई है. हालांकि कौन कहां गया है यह विभागीय आदेश अभी वायरल नहीं हुआ है, जिसे लेकर सचिव के साथ प्रतिनिधियों में जानने की होड़ मची हुई है.
खैर, जिले में 108 पंचायत सचिव हैं. नियम के मुताविक पांच साल पार कर चुके सचिव बदले गए हैं. शेष में तीन एक साल में सेवानिवृत्त हो रहे हैं. चार का कार्यकाल पूरा नही हुआ था. बाघमारा के एक मामले में एक सचिव निलंबित है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है. इसलिए यह तबादला के दायरे से बाहर थे.
आपको बता दें कि 2014 में इससे पूर्व बड़े पैमाने पर 100 पंचायत सचिव बदले गए थे. गत 23 जनवरी को गांव की सरकार का कार्यकाल खत्म हो चुका है. 24 से यहां कार्यकारिणी कमिटी का राज है. पंचायत सचिव का मुख्य दायित्व विकास योजनाओं की निगरानी करना है. वर्तमान में जो प्रतिनिधि है उन्हें भी कार्यकारिणी में जगह दी गई है. सचिव के साथ तालमेल कर ही वे नई योजनाओं की अनुशंसा कर सकते हैं. बैठक में डीडीसी डीसी दास, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अजीत कुमार, प्रधान सहायक रमेश तिवारी आदि शामिल थे. कार्यपालक दंडाधिकारी अनुज बन्डो अनुपस्थित थे.

